Acharya / Guru
Acharya Ramchandra Suriji Maharaj Saheb
गच्छाधिपथी आचार्य श्री रामचंद्रसूरीश्वर्जी म.सा. श्री विजय प्रेम रामचंद्र सूरीश्वर्जी म.सा. (१८९७ १९९२) जैन आचार्य थे इन्होने ने ही आचार्य रामचंद्र सूरी गच्छ का निर्माण किया, जो की प्रेमसुरीश्वर्जी मरासहेब का ही एक भाग…
गच्छाधिपथी आचार्य श्री रामचंद्रसूरीश्वर्जी म.सा.
श्री विजय प्रेम- रामचंद्र सूरीश्वर्जी म.सा. (१८९७-१९९२) जैन आचार्य थे| इन्होने ने ही आचार्य रामचंद्र सूरी गच्छ का निर्माण किया, जो की प्रेमसुरीश्वर्जी मरासहेब का ही एक भाग है|
गच्छाधिपथी आचार्य श्री रामचंद्रसूरीश्वर्जी म.सा. का स्वर्गवास १९९२ में हुआ| जिस दिन इनका निधन हुआ तब पुरे एक दिन के लिए अहेमदाबाद को बंद करने की घोषणा की थी|
इनके गच्छ में कूल २०% साधू आते है , जितने भी साधू है उनमे से |उनके समुदाय में कूल १४०० साधू और साध्वी है | ४४ आचार्य है|
